समस्तीपुर जिले के सिंघिया प्रखंड में शनिवार की रात सर्पदंश की तीन अलग-अलग घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। इन घटनाओं में एक पांच वर्षीय बच्चे की इलाज में देरी होने से मौत हो गई, जबकि दो अन्य पीड़ितों का सिंघिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार, लिलहौल गांव निवासी राजकुमार यादव के पुत्र मोहन यादव को घर में तुलसी पूजा के दौरान जहरीले सांप ने डंस लिया। वहीं, कुंडल-2 पंचायत के निमी गांव निवासी संजीव कुमार की पत्नी विभा देवी को शौच के लिए जाते समय सांप ने काट लिया।
दोनों को परिजनों ने बिना देर किए पीएचसी सिंघिया पहुंचाया, जहां प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अविनाश तिवारी की निगरानी में इलाज चल रहा है। चिकित्सकों ने दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई है।
दूसरी ओर, राजघाट गांव के राजेश मांझी के पांच वर्षीय पुत्र हरिओम कुमार को भी सांप ने काट लिया। परिजनों ने पहले झाड़-फूंक का सहारा लिया, जिससे अस्पताल पहुंचने में काफी देर हो गई। समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण मासूम की मौत हो गई।
डॉक्टर ने दी अहम सलाह
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अविनाश तिवारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक, ओझा-गुनी या अन्य अंधविश्वासों के भरोसे समय बर्बाद न करें। उन्होंने कहा कि सर्पदंश का प्रभावी इलाज केवल अस्पताल में ही संभव है। इसलिए पीड़ित को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाना चाहिए, ताकि समय रहते उपचार शुरू हो सके और जान बचाई जा सके।
बारिश के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घर और आसपास साफ-सफाई रखने, रात में टॉर्च का उपयोग करने तथा खेत-खलिहान या झाड़ियों में जाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
